रामायण में सूर्पनखा का वध नहीं हुआ था ? Story of Shurpnakha of Ramayana in Hindi
रामायण में सूर्पनखा का वध नहीं हुआ था *रामायण में सभी राक्षस मार डाले गए थे।लेकिन सूर्पनखा को मार नहीं डाला गया था..। उसकी कान और नाक काटकर छोड़ दी गई थी।वह अपने चेहरे को कपड़े से छिपाए रखती थी।* रावन की मृत्यु के बाद वह अपने पति के साथ शुक्राचार्य के पास गई और जंगल में उनके आश्रम में रहने लगी। शुक्राचार्य ने राक्षसों का वंश खत्म नहीं होने के कारण शिव की पूजा की।* शिव ने शुक्राचार्य को शिवलिंग देकर कहा कि राक्षसों का नाश जिस दिन कोई "वैष्णव" इस पर गंगा जल चढ़ा देगा। उस आत्म लिंग को शुक्राचार्य ने वैष्णवों (हिंदुओं) से दूर रेगिस्तान में बनाया! * आज अरब में "मक्का मदीना" में* उस समय चेहरा ढक कर रखने वाली सूर्पनखा परंपरा को उसके बच्चों ने पूरा किया, और आज भी मुस्लिम महिलाएं चेहरा ढक कर रखती हैं। वर्तमान में सूर्पनखा के वंसज मुसलमान कहलाते हैं।ये शुक्रवार को बहुत महत्त्व देते हैं क्योंकि इसे शुक्राचार्य ने जीवन दिया था।* * सभी जानकारी सत्य है और तथ्यों पर आधारित है। ⛳* इस्लाम का जन्म कैसे हुआ? इस्लाम असल में कोई धर्म नहीं है।मजहब है। 👉मजहब का अर्...